प्रकृतिक रूप से बने दो पहाड़ों के बीच का रास्ता जहाँ से आवागमन संभव हो, उसे दर्रा कहते है। प्रतियोगी परिक्षाओं मे अक्सर भारत के प्रमुख दर्रे से प्रश्न पूछा जाता है ।
काराकोरम दर्रा
यह दर्रा लद्दाख राज्य मे काराकोरम की पहाड़ियों के मध्य मे स्थित है।
यह भारत का सबसे ऊचाँ दर्रा है । तथा लद्दाख को तिब्बत से जोड़ता है ।
काराकोरम दर्रे से होकर चीन को जाने वाली एक सड़क भी बनायी गई है।
जोजिला दर्रा
यह दर्रा जम्मू कश्मीर राज्य के जास्कर श्रेणी मे स्थित है ।
इस दर्रे से श्री नगर से लेह और कारगिल मार्ग गुजरता है।
बुर्जिल दर्रा
बुर्जिल दर्रा जम्मू कश्मीर राज्य मे जास्कर पर्वत श्रेणी मे स्थित है । तथा यह श्री नगर को गिलगित से जोड़ता है ।
यह दर्रा 4100 मी की ऊँचाई पर स्थित है।
पीर पंजाल दर्रा
पीर पंजाल दर्रा जम्मू कश्मीर राज्य के दक्षिण पश्चिम मे स्थित है ।
इस दर्रे से होकर कुलगाम से कोठी जाने का मार्ग गुजरता है ।
बनिहाल दर्रा
बनिहाल दर्रा जम्मू कश्मीर राज्य के दक्षिण पश्चिम मे पीर पंजाल श्रेणियों मे स्थित है ।
यह दर्रा जम्मू को श्री नगर से जोड़ता है ।
यह सबसे पुराना पास है तथा इस पास को 1956 मे बंद कर दिया गया था ।
भारत की सबसे लम्बी सुरंग जवाहर सुरंग इसी दर्रे पर स्थित है ।
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मिनटेक दर्रा
यह दर्रा लद्दाख राज्य मे काराकोरम पर्वत श्रेणी मे स्थित है । तथा यह भारत का सबसे उत्तरी दर्रा है।
खारदुंग ला दर्रा
यह दर्रा लद्दाख राज्य मे लद्दाख पर्वत श्रेणी पर 5500 मी की ऊँचाई पर स्थित है ।
यह दर्रा लेह को सियाचीन से जोड़ता है ।
खारदुंग ला दर्रा भारत मे वाहन चलाने योग्य सबसे ऊँचा दर्रा है ।
अघिल दर्रा
यह दर्रा काराकोरम रेंज के मध्य मे स्थित है। तथा लद्दाख को सिंकियांग (चीन ) से जोड़ता है।
यह समुद्र तल से लगभग 5000 मी की ऊँचाई पर है।
सर्दियों के मौसम मे अधिक बर्फबारी होने के कारण इस बंद कर दिया जाता है।
हिमाचल प्रदेश
शिपकिला दर्रा
शिपकिला दर्रा हिमाचल प्रदेश के जास्कर पर्वत श्रेणी मे स्थित है।
यह दर्रा 6000 मी की ऊँचाई पर स्थित है । सर्दी के मौसम मे अधिक बर्फबारी होने के कारण छह महीने बंद रहता है।
यह दर्रा शिमला को तिब्बत से जोड़ता है।
रोहतांग दर्रा
यह दर्रा हिमाचल प्रदेश के पीर पंजाल श्रेणियों मे स्थित है।
इस दर्रे की कुल लम्बाई 4631 मी है।
यह दर्रा हिमाचल प्रदेश के कुल्लु लाहुल तथा स्फीति की घाटियों को जोड़ता है।
बाड़ालाचा ला दर्रा
यह दर्रा हिमाचल प्रदेश मे जास्कर पहाड़ियों मे स्थित है।
यह एक हाई माण्टेन पास है । इसकी कुल ऊँचाई 4890 मीटर है।
बाड़ा लाचा ला दर्रा हिमाचल प्रदेश के लाहुल जिले का लेह ( लद्दाख ) के साथ जोड़ता है।
उत्तराखण्ड
माना दर्रा
यह दर्रा उत्तराखण्ड के कुमायूँ की पहाड़ियों मे स्थित है ।
यह उत्तराखण्ड को तिब्बत से जोड़ता है।
वर्ष के छह महीने ( नवंबर से लेकर मई तक) बर्फ से ढका रहता है
नीति दर्रा
यह दर्रा भी उत्तराखण्ड के कुमायूँ की पहाड़ियों मे स्थित है।
यह दर्रा उत्तराखण्ड को तिब्बत से जोड़ता है।
सर्द के मौसम मे बर्फ से ढके रहने के कारण इस बंद कर दिया जाता है।
लिपु लेख दर्रा
यह दर्रा उत्तराखण्ड मे स्थित है तथा यह उत्तराखण्ड को तिब्बत के साथ जोड़ता है।
मानसरोवर की यात्रा करने वाले तिर्थार्थी इसी मार्ग से होकर गुजरते है।
लिपु लेख दर्रा, भारत और चीन के बीच व्यापार की दृष्टि से एक महत्वपूर्ण दर्रा है।
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सिक्किम
नाथूला दर्रा
यह दर्रा सिक्किम राज्य के डोगेक्या पर्वत श्रेणी मे स्थित है।
इस दर्रे की सहायता से दार्जिलिंग व चुंबीघाटी होकर तिब्बत को जाया जा सकता है ।
1962 मे भारत चीन के युद्ध के समय इस दर्रे को बंद कर दिया गया था लेकिन पुनः 2006 मे दोनो देशों की सहमति पर खोला गया ।
भारत और चीन के मध्य व्यापार की दृष्टि से यह एक महत्वपुर्ण पास है।
जेलेप्ला दर्रा
यह दर्रा भी सिक्किम राज्य मे स्थित है। और यह 4538 मी की ऊँचाई पर स्थित है।
यह दर्रा सिक्किम को लहत्सा ( तिब्बत की राजधानी ) से साथ जोड़ता है।
जेलेप्ला दर्रा दार्जिलिंग व चुंबीघाटी होकर तिब्बत को जाया जा सकता है।
अरुणाचल प्रदेश
बोमडिला दर्रा
यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर पश्चिमी भाग मे स्थित है।
इस दर्रे से तवांग घाटी होकर तिब्बत जाने का मार्ग है।
यह समु्ंद्र तल से 300 मी की ऊँचाई पर स्थित है।
1962 मे जब भारत और चीन के बीच युद्ध हुआ था तो चीन ने इस दर्रे पर अपना कब्जा कर लिया था ।
यांग्याप दर्रा
यांग्याप दर्रा अरुणाचल प्रदेश के उत्तर पश्चिम मे स्थित है।
इस दर्रे के निकट से ब्रह्मपुत्र नदी भारत मे प्रवेश करती है।
यांग्याप दर्रे से होकर चीन के लिये एक मार्ग गुजरता है।
दिफू दर्रा
यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश तथा म्यांमार की सीमा पर स्थित है।
पांगसांग दर्रा
यह दर्रा अरुणाचल प्रदेश के दक्षिण पूर्व मे म्यांमार की सीमा पर स्थित है।
तुजु दर्रा
यह दर्रा मणिपुर राज्य के दक्षिण पूर्व मे स्थित है।
इस दर्रे से होकर इम्फाल से म्यांमार को एक सड़क जाती है।
असीरगढ दर्रा
यह पास मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले मे स्थित है।
यह नर्मदा और ताप्ती नदी घाटियों को आपस मे जोड़ता है।
इस पास को डेक्कन की कुंजी (Key of Deccan ) भी बोला जाता है।
थालघाट दर्रा
थालघाट दर्रा महाराष्ट्र मे पश्चिमी घाट की श्रेणियों मे स्थित है।
इस दर्रे से होकर दिल्ली मुम्बाई का प्रमुख रेलमार्ग तथा सड़क मार्ग गुजरता है।
भोरघाट दर्रा
यह दर्रा भी महाराष्ट्रा राज्य के पश्चिमी घाट की श्रेणियों मे स्थित है।
इस दर्रे से पुणे बेलगाँव का सड़क मार्ग तथा रेलमार्ग गुजरता है।
पुराने समय मे यह एक महत्वपूर्ण व्यापारिक मार्ग था ।
पालघाट दर्रा
पालघाट दर्रा केरल राज्य के मध्य पूर्व मे स्थित है।
इस दर्रे की कुल ऊचाँई 305 मीटर है।
यह दर्रा नीलगिरी तथा अन्नामलाई की पहाड़ियों के बीच मे स्थित है।
इस दर्रे से कालीकट त्रिचूर से कोयम्बटूर इरोड के रेलमार्ग तथा सड़क मार्ग गुजरता है ।
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